जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद! गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, अब रामलीला मैदान समेत इन 3 जगहों पर जुट सकेंगे प्रदर्शनकारी

नई दिल्ली। देश की राजधानी में धरना-प्रदर्शन की राजनीति के बीच बड़ा बदलाव सामने आया है। विरोध-प्रदर्शनों के लिए लंबे समय से प्रमुख केंद्र रहे जंतर-मंतर को अब प्रदर्शन स्थल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। गृह मंत्रालय के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। इस फैसले से राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों की रणनीति पर असर पड़ सकता है।
अब इन 3 जगहों पर होंगे धरना-प्रदर्शन
जंतर-मंतर के स्थान पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन जगहें तय की गई हैं:
- रामलीला मैदान
- बुराड़ी मैदान
- CBD ग्राउंड, पूर्वी दिल्ली
इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शन की अनुमति, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन से जुड़ी शर्तों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
दिल्ली में सियासी हलचल, INDIA ब्लॉक के मार्च की तैयारी
यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर हलचल तेज है। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने सोमवार को प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी की थी। खबर के मुताबिक, विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता था, उनसे संबंधित आवेदन को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्वीकार नहीं किया। इसके बावजूद विपक्षी नेताओं ने समर्थकों से मार्च में शामिल होने की अपील की।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर भी गतिविधियां जारी थीं। पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से तारीख मांगी थी और सोमवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन जाने की बात कही थी।
सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैफिक और मेट्रो पर भी असर
दिल्ली में प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई। वहीं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया था।
हालांकि, किन छह स्टेशनों पर यह प्रतिबंध लागू किया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध समाचार सामग्री में नहीं दी गई है।
प्रदर्शन की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?
जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न आंदोलनों के लिए अहम प्रदर्शन स्थल रहा है। ऐसे में इसे प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला विरोध दर्ज कराने की रणनीति और राजधानी में होने वाले आयोजनों के स्थान को बदल सकता है।
अब निगाहें संशोधित SOP पर रहेंगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि नए निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन की अनुमति किन शर्तों और प्रक्रियाओं के तहत दी जाएगी।
